यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने गांधी जयंती पर एक महत्वपूर्ण सीएसआर यात्रा का शुभारंभ किया
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने गांधी जयंती पर एक महत्वपूर्ण सीएसआर यात्रा का शुभारंभ किया
मुंबई, 3 अक्टूबर, 2023: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सोशल फाउंडेशन ट्रस्ट ने आज महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर प्रेरणादायक कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल की एक शृंखला का शुभारंभ किया। ये पहल गांधीवादी सिद्धांतों के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता और समाज के कल्याण के प्रति उसके समर्पण को दर्शाती है। इन पहलों के माध्यम से, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का लक्ष्य युवा बालिकाओं को सशक्त बनाना, मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना, महत्वपूर्ण सुविधाओं का निर्माण करना और पूरे देश में डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाना है। इसके अतिरिक्त प्रतिबद्धता के अनुरूप यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उत्तराखंड में देहरादून के भैसवाड़ा गांव में प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों का पुनरोद्धार करने और अरुणाचल प्रदेश में पासीघाट के बोरगुली गांव में एक अत्याधुनिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का पुनर्निर्माण करने की भी योजना बनाई है।
वंचित बालिकाओं को सशक्त बनाना: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली वंचित बालिकाओं को गोद लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैंक की 2547 ग्रामीण शाखाओं में से प्रत्येक में इन युवा मस्तिष्क की शिक्षा में सहयोग करने के लिए रू.2000 की राशि जमा की जाएगी। पहले से ही 2200 युवा लड़कियों को इस पहल से लाभ हो चुका है जिससे उनके सपनों को फलने-फूलने का अवसर मिला है।
मासिक धर्म स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना : यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने और एक स्वच्छ अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को बनाए रखने के लिए एक नेक पहल का नेतृत्व कर रहा है। बैंक अपने 134 क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र के तहत सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन स्थापित करेगा। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं की अनुपस्थिति को कम करते हुए स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में लड़कियों में जागरूकता बढ़ाना है।
स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण: स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार की अपनी प्रतिबद्धता के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सभी क्षेत्र के योगदान से बालिकाओं के लिए देश भर में 134 से अधिक शौचालयों का निर्माण करेगा। इस पहल का उद्देश्य युवा लड़कियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना है जिससे उनका प्रोत्साहन और सम्मान सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त, इस शुभ अवसर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एक अग्रणी डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी का अनावरण किया - जो भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अपनी तरह की पहला पुस्तकालय है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सुश्री ए. मणिमेखलै ने डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया जिसका उद्देश्य डिजिटल संसाधनों और शैक्षिक सामग्री तक पहुंच प्रदान करके व्यक्तियों को सशक्त बनाना और उनके ज्ञान को समृद्ध करके डिजिटल विभाजन को पाटना है।
इस अवसर पर बोलते हुए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सुश्री ए. मणिमेखलै ने कहा, "गांधीजी के आदर्शों के अनुरूप हमने विभिन्न सीएसआर गतिविधियों की शुरूआत की हैं जो ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त भारत के प्रति हमारे समर्पण को बल प्रदान करती हैं।”
उन्होंने ऐतिहासिक संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा, "मुंबई में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रधान कार्यालय भवन का उद्घाटन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने वर्ष 1921 में किया था। यह प्रतीकात्मक भाव गांधीजी के नेतृत्व और उनके दृष्टिकोण का पालन करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है।"
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समाज में सकारात्मक योगदान देने और एक बेहतर, स्वच्छ और अधिक शिक्षित भारत के निर्माण के अपने प्रयासों को जारी रखने हेतु तत्पर है।

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